लाइब्रेरी संग्रह-विकास
 

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लाइब्रेरी संग्रह:

लाइब्रेरी की उपयोगिता स्पष्टतया मूल स्त्रोत लाइब्रेरी संग्रह पर ही निर्भर करती है। लाइब्रेरी की अमूल्य निधि लाइब्रेरी संग्रह है। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में प्रत्येक पाठक की अभिरूचि के अनुसार हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी और अन्य भारतीय भाषाओं की पुस्तकों, पत्रिकाओं एवं अन्य पाठ्य सामग्री का विशाल भंडार उपलब्ध है। लाइब्रेरी संग्रह में विविध विषयों की 15 लाख पुस्तकों में प्रतियोगी परीक्षाओं, कंप्यूटर विज्ञान, सूचना तकनीक, दर्शन, धर्म, हिंदू धर्म, समाज विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंतराष्ट्रीय संबंध, भाषा तथा भाषा विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, साहित्य, उपन्यास, इतिहास, भूगोल आदि विषय की पुस्तकें सम्मिलित हैं।

लाइब्रेरी संग्रह-विकास:

1. पुस्तकें क्रय करना-:
प्रत्येक वर्ष नई पुस्तकें एवं अन्य पठन सामग्री क्रय की जाती हैं तथा लाइब्रेरी संग्रह में शामिल की जाती हैं। लाइब्रेरी अपनी केन्द्रीयकृत क्रय नीति के द्वारा अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू तथा पंजावी, भारतीय भाषा के साथ-साथ विदेशी प्रकाशन की पुस्तकें तथा अन्य पाठ्य सामग्री प्राप्त करती है। इस प्रयोजन के लिए लगभग एक करोड रूपये का बजट प्रावधान है। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के संपूर्ण सिस्टम के लिए पुस्तक क्रय एव प्रक्रिया विभाग (बी पी पी डी) द्वारा पुस्तक क्रय नीति के प्रावधानों के अंतर्गत तथा पुस्तक चयन समिति द्वारा चयन की गई अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी पुस्तकें तथा अन्य पठन सामग्री क्रय की जाती हैं। 31.12.2005 तक लाइब्रेरी का कुल पुस्तक संग्रह 1426319 है।
सीरियल- लाइब्रेरी के वाचनालयों में पाठकों के उपयोग के लिए सभी लोकप्रिय जरनल, पत्रिकाएं तथा समाचार पत्र क्रय किए जाते हैं। वर्तमान में 292 पत्रिकाएं तथा 32 समाचार पत्र क्रय किए जाते हैं तथा 100 जनरल नि:शुल्क प्राप्त होते हैं। अधिक जानकारी के लिए सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी (ए एल आई ओ) /बी पी पी डी (फोन नं.-011-23993330) से संपर्क करें।

2. डी.बी.एक्ट, 1954 के अधीन लीगल डिपोजिट:
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी को पुस्तक एवं समाचार पत्र वितरण अधिनियम, 1954 (1956 में संशोधित के अधीन) 16 दिसम्बर, 1981 को चतुर्थ प्रापी पुस्तकालय के रूप में घोषित किया गया। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी को हिंदी एवं अंग्रेजी तथा सभी भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों से उनके प्रत्येक प्रकाशन की एक प्रति निःशुल्क प्राप्त होती है। पुस्तक वितरण अधिनियम प्रभाग इस अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त सभी प्रकाशनों/पुस्तकों की मानिटरिंग करता है। 31.12.2005 तक इस विभाग का कुल पुस्तक संग्रह 243655 था। पुस्तकों के अतिरिक्त इस अधिनियम के अंतर्गत सभी भाषाओं की लगभग 1300 लोकप्रिय पत्रिकाएं एवं सभी मुख्य समाचार पत्र नियमित रूप से प्राप्त होते हैं। इस अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त पुस्तकें, जरनल तथा अन्य पठन सामग्री पाठकों के उपयोग के लिए संदर्भ अनुभाग, दक्षिण क्षेत्रीय पुस्तकालय, सरोजनी नगर में रखी गयी है। कृपया अधिक जानकारी के लिए सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी, (सं.स वि.) पुस्तक प्रदान अधिनियम प्रभाग (फोन न0-011-23991297) से संपर्क करें।

3. उपहार स्वरूप प्राप्त पुस्तकें- :
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी अपने लाइब्रेरी संसाधनों के विकास के लिए व्यक्तियों/संस्थाओं तथा पुस्तकालयों से उपहार स्वरूप पुस्तकें प्राप्त करती है। कोई भी व्यक्ति या संस्था लाइब्रेरी को अनेक पुस्तकें दान कर सकता है किंतु लाइब्रेरी केवल वहीं पुस्तकें स्वीकार करती है जो अच्छी अवस्था में हों तथा लाइब्रेरी में उपलब्ध ना हों। कृपया अधिक जानकारी के लिए सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी, (सं.स वि.) उपहार एवं विनिमय अनुभाग (फोन न0-011-23993330) से संपर्क करें।

4. डिपॉजिटरी-:
एशियन डिवलपमेंट बैंक पब्लिकेशनस-दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी को वर्ष 1994 से एशियन डिवलपमेंट बैंक (ए डी बी) के प्रकाशनों के लिए डिपॉजिटरी लाइब्रेरी के रूप में मनोनीत किया गया है जिसमें ए डी बी की वार्षिक रिपोर्ट, कार्यवाही आदि शामिल हैं। यह सामग्री पाठकों के उपयोग के लिए केंद्रीय पुस्तकालय में रखी गई है।


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