लाइब्रेरी की सदस्यता-नियम
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केवल वे ही व्यक्ति जो संघ शासित क्षेत्र दिल्ली के निवासी हैं अथवा वहां पर कार्य अथवा व्यवसाय करते हैं,पुस्तकालय के सदस्य बन सकते हैं। केवल पंजीकृत सदस्यों को ही गृह-पठन हेतु पुस्तकें परिचालित की जाती हैं।
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निम्नलिखित व्यक्ति अपने उत्तरदायित्व पर पुस्तकालय के सदस्य बन सकते हैं-
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(I) (क)
सांसद (ख) सदस्य, महानगर परिषद, दिल्ली ।
(ग) स्थानीय निकाय या सांविधिक पंचायत का सदस्य अथवा दिल्ली के गाँव का लम्बरदार ।
(घ) पंजीकृत चिकित्सक जिसके पास एम.बी.बी.एस.या बी.आई.एम.एस.योग्यता हो ।
(ड.) दिल्ली में स्थित भारत सरकार, दिल्ली प्रशासन या भारत के किसी राज्य का राजपत्रित
अधिकारी ।
(च) अर्ध सरकारी संस्था या सार्वजनिक उपक्रम के वे अधिकारी जो सरकारी राजपत्रित
अधिकारी के समतुल्य हों तथा निदेशक द्वारा समय-समय पर अनुमोदित हों ।
(छ) कोई भी करदाता, जो अपने नाम की अचल सम्पत्ति पर कर, बिक्री कर अथवा आयकर या भू राजस्व देता है
(सभी करदाताओं को कर का भुगतान करने के सम्बन्ध में निदेशक या उनके द्वारा मनोनीत व्यक्ति की सन्तुष्टि के लिए उचित अधिकारी द्वारा जारी की गई नवीनतम रसीद या प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा) ।
(ज) दिल्ली में स्थित मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्था का प्रमुख। (मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्था से
अभिप्राय दिल्ली में स्थित सांविधिक विश्वविद्यालय या शिक्षा निदेशालय या नगर निगम प्राधिकारी,दिल्ली द्वारा मान्यता से है।
(झ) दिल्ली में स्थित सांविधिक विश्वविद्यालय से सम्बन्द्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापक/ व्याख्याता।
(ञ) दिल्ली में स्थित सरकारी, अर्धसरकारी संस्था(मान्यता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित) तथा अन्य पुस्तकालयों के पुस्तकाध्यक्ष जो निदेशक द्वारा इस प्रयोजन हेतु मान्य किए गये हैं।
(ट) दिल्ली में स्थित बैंक अथवा बीमा कंपनियाँ तथा उनकी स्थानीय शाखाओं के अधिकारी जो निदेशक द्वारा इस प्रयोजन के लिए मान्य किए गये हैं।
(ठ) दिल्ली में स्थित लिमिटेड कंपनियों (भारतीय कंपनी अधिनियम के अधीन स्थापित) के प्रबन्ध निदेशक एवं प्रशासनिक अधिकारी जो निदेशक द्वारा इस प्रयोजन हेतु मान्य किए गये हैं ।
(ड) वकील / चार्टैड एकाउटेन्ट
(ढ) नोटरी पब्लिक / शपथ-आयुक्त ।
(ण) दिल्ली से लगातार पाँच वर्षों से प्रकाशित समाचार पत्र या पत्रिका का संपादक ।
(त) दिल्ली पुलिस विभाग में कार्यरत्त इंस्पैक्टर, उप अधिकारी तथा स्टेशन मुख्यालय अधिकारी।
(थ) दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड का सदस्य ।
टिप्पणी:-
उपरोक्त व्यक्तियों को सदस्य बनने हेतु अपने नाम तथा कार्यालय की मोहर लगानी होगी तथा अपने हस्ताक्षर करने होगें अथवा वह उचित व्यक्ति है- इस सम्बन्ध में उसे निदेशक या उनके मनोनीत व्यक्ति को सन्तुष्ट करना होगा ।
(II) उन व्यक्तियों को जो नियम 2(1) के अन्तर्गत सदस्य नहीं बन सकते, पूर्वोक्त नियमों में दर्शाए गए व्यक्तियों की सिफारिश पर तथा इस शर्त पर सदस्य बनाया जा सकता है ।
ऐसा कोई भी व्यक्ति जो पुस्तकालय के क्षेत्र का निवासी हो अथवा कार्य करता हो तथा जिसकी उपरोक्त धारा(1) में उल्लिखित किसी व्यक्ति द्वारा सिफारिश की गई हो ।
टिप्पणी:- आवेदक को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सदस्यता कार्ड / आवेदन पत्र पर परिचायक (सिफारिश करने वाले व्यक्ति) की मोहर उचित स्थान पर तथा सुस्पष्ट लगी होनी चाहिए।
(III)
ऐसा कोई व्यक्ति जो नियम (2(1) के अन्तर्गत नहीं आता तथा नियम 2(2)के अन्तर्गत किसी व्यक्ति की सिफारिश न प्राप्त कर सका हो अथवा प्राप्त करने की इच्छा न रखता हो तो वह प्रतिभूति के रूप में नकद रूपये 50/- जमा करवाकर सदस्य बन सकता है,जो वापिस ली जा सकेगी। प्रतिभूति जमा की वापसी के सम्बन्ध में दावा सदस्यता समाप्ति की तारीख से छ मास के भीतर कर देना चाहिए अन्यथा प्रतिभूति बोर्ड के अधीन हो जाएगी।
(IV)
(क) 5 से 15 वर्ष की आयु के पंजीकृत सदस्य बाल विभाग से पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं। पाँच वर्ष से कम आयु के
बच्चे केवल बाल गतिविधि कक्ष का उपयोग कर सकते हैं तथा उनके साथ उनके माता-पिता या अभिभावक होने   चाहिए।
(ख) 15 वर्ष से अधिक आयु के पंजीकृत सदस्य वयस्क परिचालन विभाग से पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं ।
(ग) दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी का कोई भी कर्मचारी पुस्तकालय की सदस्यता हेतु किसी भी व्यक्ति की सिफारिश नहीं कर सकता ।
(घ) निदेशक को यह अधिकार है कि वह कोई भी कारण बताए बिना सदस्यता हेतु प्राप्त किसी भी आवेदन पत्र को अस्वीकृत कर सकता है तथा ऐसे मामलों में निदेशक का निर्णय अन्तिम तथा बाध्य होगा ।
(ड) निदेशक ऐसे व्यक्ति को सदस्यता हेतु प्राप्त पत्र की सिफारिश करने से वंचित कर सकता है जो आवेदक के पूर्ववृत्त तथा ब्यौरों की उचित जाँच किए बिना आवेदन पत्र की सिफारिश करता है। निदेशक सम्बन्धित व्यक्ति को डाक प्रमाणित पत्र द्वारा अपने निर्णय से अवगत कराएगा । निदेशक के निर्णय के विरूद्ध सम्बन्धित व्यक्ति निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र के जारी होने के 30 दिन के भीतर अध्यक्ष को अपील कर सकता है । ऐसे सभी मामलों में अध्यक्ष का निर्णय अन्तिम तथा बाध्य होगा । कार्यकारी अध्यक्ष तथा कार्यकारी निदेशक को समान अधिकार प्राप्त होगें । |
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पंजीकृत सदस्य बनने के लिए आवेदक 2 /- रूपये के निर्धारित सदस्यता प्रपत्र को भरकर अपने हस्ताक्षर करेगा । इसके अतिरिक्त सदस्य को कोई शुल्क अथवा फीस नहीं देनी होगी ।
पुस्तकालय में प्रवेश
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निदेशक द्वारा समय-समय पर नियत किए गए कार्य-समय में ही पब्लिक (जन-साधारण) पुस्तकालय में अथवा किसी भी सेवा केन्द्र में प्रवेश कर सकती है ।
यदि कोई व्यक्ति दिमागी कमजोरी का हो, अवांछनीय हो, उसका पहनावा गन्दा हो, नशा करता हो, या किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो तो उसे पुस्तकालय में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी ।
इसके अतिरिक्त निदेशक या पुस्तकालय का कोई भी अधिकारी जो विभागाध्यक्ष/अनुभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करता है,किसी भी व्यक्ति को (चाहे वह सदस्य हो या नहीं) यदि पुस्तकालय में प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं करना चाहता तो कोई भी कारण बताए बिना पुस्तकालय या किसी अनुभाग या विभाग में प्रवेश करने से मना कर सकता है । उपरोक्त अधिकारी समतुल्य कारणों से ऐसे व्यक्ति को पुस्तकालय में प्रवेश करने से मना कर सकता है ।
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सदस्य को लाठी, छाता, डिब्बे, खुली या एकत्र की हुई मुद्रित सामग्री तथा अन्य सामान प्रवेश द्वारपर रखना चाहिए । फिर भी लॉकर में जमा किए गए सामान के खो जाने अथवा क्षति हो जाने पर अथवा उस सामान के बदले जाने के लिए पुस्तकालय उत्तरदायी नहीं होगा ।
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(क) यदि किसी व्यक्ति ने लाँकर में अपनी कोई संपत्ति रखी है और वह उसी दिन न ले जाए तो उसे उस संपत्ति के लिए प्रतिदिन जुर्माने का भुगतान करना होगा । यदि संपत्ति एक सप्ताह के भीतर
न ली गई तो वह संपत्ति बोर्ड की संपत्ति मानी जाएगी तथा निदेशक के विवेक पर/इच्छानुसार
उसकी नीलामी भी कराई जा सकती है । ऐसे मामलों में जहाँ संपत्ति पर एक सप्ताह के बाद दावा किया जाए तथा जिसकी नीलामी न हुई हो तो निदेशक के विवेक पर जमाकर्ता को जुर्माने का
भुगतान करना होगा ।तत्पश्चात उसे संपत्ति वापस लौटाई जाएगी ।
(ख) यदि जमाकर्ता से टोकन खो जाता है तो उसे दंड के रूप में 0-50 पैसे देने होगें तथा अपनी पहचान का उचित प्रमाण प्रस्तुत करने पर सामान उसे लौटा दिया जाएगा ।
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कोई भी व्यक्ति पुस्तकालय भवन में किसी भी स्थान पर कोई गाड़ी अथवा वाहन खड़ा नहीं कर सकता है । केवल इस प्रयोजन के लिए निर्धारित स्थान पर ही गाड़ी या वाहन खड़े किए जाएगें । ऐसे वाहन का मालिक अपने वाहन की सुरक्षा के लिए स्वयं व्यवस्था करेगा । पुस्तकालय परिसर में खड़े किए गए वाहन के खो जाने अथवा क्षति हो जाने पर बोर्ड अथवा पुस्तकालय का कोई भी कर्मचारी उत्तरदायी नहीं होगा ।
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पुस्तकालय में किसी कुत्ते या अन्य जानवर को अन्दर लाना मना है ।
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| 9. |
पुस्तकालय में शांति रखी जाए । |
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पुस्तकालय में थूकना व धूम्रपान करना सख्त मना है । |
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पुस्तकालय में सोना वर्जित है । |
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कोई भी व्यक्ति कैंटीन के अलावा अन्यत्र जलपान नहीं कर सकता ।
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कोई भी सदस्य अथवा पुस्तकालय में आने वाले व्यक्ति को इन नियमों तथा समय-समय पर लागू कार्यविधि व व्यवहार का पालन करना होगा ।
संदर्भ पुस्तकालय
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15 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति तथा निदेशक द्वारा अनुमति प्राप्त कोई अन्य व्यक्ति संदर्भ पुस्तकालय या वाचनालय में प्रवेश कर सकता है । यह समझा जाएगा कि संदर्भ कक्ष या वाचनालय में आने / बैठने वाले सदस्य भी इन नियमों से सहमत हैं ।
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संदर्भ पुस्तकालय से पुस्तकें तथा अन्य पठन सामग्री अन्यत्र कहीं नहीं ले जा सकते ।
संदर्भ पुस्तकालय में पाठक द्वारा पढ़ी जाने वाली पुस्तक/पठन सामग्री को कोई हानि या क्षति होती है तो उसके लिए पाठक जिम्मेदार होगा तथा ऐसी पुस्तकों की क्षति का वहन उसे उठाना होगा ।
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| 16. |
कोई भी व्यक्ति पुस्तकालय की किसी पुस्तक, पाँडुलिपि अथवा नक्शें पर नहीं लिखेगा, उसे क्षति नहीं पहुँचाएगा या उस पर कोई चिन्ह नहीं लगाएगा ।
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पुस्तकों या पुस्तकालय की अन्य संपत्ति में कोई क्षति होने पर पाठक उत्तरदायी होगा तथा पाठक को क्षतिग्रस्त पुस्तकों तथा अन्य संपत्ति को बदलना होगा या उसका मूल्य देना होगा । यदि किसी सेट की एक पुस्तक क्षतिग्रस्त होती है तो उत्तरदायी व्यक्ति को पूरा सैट बदलना होगा अथवा पूरे सेट के मूल्य का भुगतान करना होगा ।
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कोई भी व्यक्ति निदेशक की विशेष अनुमति लिए बिना किसी पुस्तक के किसी अंश की ट्रेसिंग अथवा फोटो प्रति नहीं करवा सकता । पुस्तकालय छोड़ने से पूर्व पढ़ने के लिए विशेष रूप से ली गई पुस्तकें, ग्रन्थ या नक्शे पाठक संदर्भ सहायक को वापस करेगा ।
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निदेशक अपने निर्णय पर विशेष परिस्थितियों में सीमित अवधि के लिए संदर्भ पुस्तकालय से कुछ पुस्तकें गृह-पठन हेतु ले जाने की अनुमति दे सकते हैं । ऐसे मामलों में निदेशक का निर्णय अन्तिम तथा बाध्य होगा ।
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